ज़िंदगी कुछ बहुत तेज़ चल गयी है ....
एक लम्हे मे ना जाने कितने जानम जिए ....
यू लगा जहानुम की फ़िज़ा बदल गयी है
ज़िंदगी बहुत तेज़ चल गयी है ....
एक चिराग़ यू टिमटिमया डगर मे ,
हँस कर कहा किस्मत ने ... मेरी मंज़िल बदल गयी है
ज़िंदगी बहुत तेज़ चल गयी है ....
कौन कहता है हम मुस्कुराना नही जानते हैं ?
पलट कर देखे ज़माना .. मेरी सूरत बदल गयी है ...
ज़िंदगी बहुत तेज़ चल गयी है ....
हल्की सर्दी सी महसूस होती है ज़हन मे
क्या ग़ज़ब है तेरा ख़याल .... की कुदरत बदल गयी है ...
ज़िंदगी बहुत तेज़ चल गयी है ....
जाओ छुपा कर देख लो ख़ुद को कही भी ....
मिल ही जाऊंगी मैं वन्हा जन्हा तुम होगे ..
तेरा साथ मिला करे हर मुकाम पर ,
चाहते ,आरज़ू,हक़ीकत हर तस्वीर बदल गयी है ...
ज़िंदगी बहुत तेज़ चल गयी है ....
Sunday, October 21, 2007
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Aabhas
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