जाने क्यू ऐसा मुझ से अक्सर ही हो जाता है ?
दामन मेरा आसूओं से अक्सर ही भीग जाता है ,
कभी किसी पल की तलब यू ही बढ़ सी जाती है ,
उस सिरे का पीछा करते अंधेरा ही हाथ आता है ,
जाने क्यू ऐसा मुझ से अक्सर ही होजाता है .....
अंतरात्मा का द्वंद शांत नहीं होता। स्थिरता और ठहराव में शायद ज़मीन आसमान का अंतर होता है।जीवन स्थिर हो भी जाए तो , च...
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